Saturday, 2 July 2016

चिकित्सक दिवस पर विशेष -उखड़ती साँसों को, वो अक्सर संभाल लेता है !अच्छे अच्छों को, मौत के मुँह से निकाल लेता है !!न वो हिन्दू देखता है, न कभी मुसलमान देखता है !खुदा का बंदा है वो, हर शख्स में बस इंसान देखता है !!जख्म कितना भी गहरा हो, वो हिचकिचाता नहीं कभी !घाव की गंदगी देखकर, वो सकुचाता नहीं कभी !!उसके हाथों में जो हुनर है, बखूबी जानता है वो !अपने पेशे को खुदा की, इबादत मानता है वो !!जब भी जाता है वो ओ.टी., खुदा को याद करता है !सफल हो जाए ऑपरेशन, यही फरियाद करता है !!रोग कितना भी बड़ा हो, वो जी जान लगा देता है !मरीज को ठीक करने में, वो पूरा ज्ञान लगा देता है !!अगर हो जाए सफल  तो, हजारों दुआएँ लेता है !अगर वो हार जाए तो, लोगों का क्रोध सहता है !!खरी खोटी वो सुनता है, फिर भी खामोश रहता है !अपनी असफलता का उसको, बहुत अफसोस रहता है !!वो जानता नहीं किसी को, मगर धीरज बंधाता है !निरंतर कर्म के पथ पर, वो बढ़ते ही जाता है !!उसे मालूम है कि जिन्दगी, उस खुदा की रहमत है !खुदा के बंदों की सेवा, मगर उसकी भी हसरत है !!चिकित्सक दिवस की हार्दिक शुभकामनायेंDoctors day

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